
by Sarthak Sahuwala
एक शांत दिखने वाला गाँव, एक रहस्यमयी बरगद का पेड़, और एक ऐसा अतीत जो कभी दफन नहीं हुआ… अर्जुन, एक साधारण युवक, अपने गाँव लौटता है—लेकिन वहाँ उसका सामना होता है एक ऐसे डर से, जिसे कोई नाम नहीं दे सकता। हर रात ठीक 2 बजे, उसके घर के बाहर खड़ा बरगद का पेड़ जैसे उसे बुलाने लगता है। और फिर एक रात, वह उसे देखता है—एक रहस्यमयी लड़की, मीरा, जिसकी आँखों में अजीब सा अंधेरा छुपा है। धीरे-धीरे अर्जुन को पता चलता है कि मीरा कोई साधारण लड़की नहीं, बल्कि एक भयानक सच का हिस्सा है—एक ऐसा सच जो 20 साल पहले हुए एक रहस्यमयी बलिदान से जुड़ा है। एक ऐसा सौदा, जिसमें एक जान के बदले दूसरी जान बचाई गई थी। जैसे-जैसे परतें खुलती हैं, अर्जुन को एहसास होता है कि वह इस कहानी का सिर्फ गवाह नहीं, बल्कि केंद्र है। उसका अपना अतीत, उसका परिवार, और उसका अस्तित्व—सब कुछ उस श्रापित पेड़ से जुड़ा हुआ है। अब उसके सामने एक असंभव चुनाव है— या तो वह इस अंधेरे को हमेशा के लिए खत्म कर दे…या खुद को उसमें समर्पित कर दे। “अंधेरे के उस पार” एक रहस्य, डर, और भावनाओं से भरी कहानी है, जहाँ हर सच एक नई दहशत को जन्म देता है—और हर फैसला जिंदगी और मौत के बीच की रेखा को मिटा देता है।
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